बच्चों को महान व्यक्तियों के उदहारण देकर उनके आदर्शों पर चलने की शिक्षा देना सर्वथा उचित है पर उनके जैसा ही बनकर दिखाने की शिक्षा से मैं सहमत नहीं हूँ .अगरभगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद को हुबहू महात्मा गाँधी जैसा ही बनने की शिक्षा दी जाती तो हम इन जैसे कई और महान व्यक्ति कभी नहीं पा सकते थे.
मेरा मानना है कि हर बच्चे में कुछ अद्भुत प्रतिभा होती है जो उसे बहुत अच्छा बनने में कारगर साबित हो सकती है.जरुरत है बच्चों को उनके सम्पूर्ण विकास का अवसर दिया जाये, महान व्यक्तियों का उदाहरण सिर्फ उनके आदर्शों तक ही सीमित रखा जाये शेष हर बच्चे को उसकी स्वयं की क्षमता पहचानने का मौका दिया जाये जिससे हमारे समाज को बेहतर से बेहतर नेतृत्व हासिल हो सके.हर जगह,हर युग में कई प्रतिभाशाली महान लोग निखर कर उभरें .
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